Monday, 28 March 2011
Sunday, 27 March 2011
Saturday, 26 March 2011
Monday, 21 March 2011
Twitter / Home
<cite>Twitter / Home</cite>: "
The first step towards the solution of any problem is optimism. ~ John Baines"
Twitter / Home
I'm perfectly imperfect, beautiful in my flaws, sure of my insecurities and absolute chaos. I'm a beautiful disaster."
Monday, 14 March 2011
adhure sapne,,,,
अच्छा लगता है मुझे,
कच्चे आम के टिकोरों से नमक लगाकर खाना,
ककडी-खीरे की नरम बतीया कचर-कचर चबाना।
इलाहाबादी खरबूजे की भीनी-भीनी खुशबू ,
उन पर पडे हरे फांक की ललचाती लकीरें।
अच्छा लगता है मुझे।
आम का पना,
बौराये आम के पेडो से आती अमराई खूशबू के झोंके,
मटर के खेतों से आती छीमीयाही महक ,
अभी-अभी उपलों की आग में से निकले,
चुचके भूने आलूओं को छीलकर
हरी मिर्च और नमक की बुकनी लगाकर खाना,
अच्छा लगता है मुझे
केले को लपेट कर रोटी संग खाना,
या फिर गुड से रोटी चबाना।
भुट्टे पर नमक- नींबू रगड कर,
राह चलते यूँ ही कूचते-चबाना।
अच्छा लगता है मुझे।
लोग तो कहते हैं कि किसी को जानना हो अगर
उसके खाने की आदतों को देखो,
पर अफसोस...
मायानगरी ने मेरी सारी आदतें
'शौक-ए-लज़्ज़त' में बदल डाली हैं।
कच्चे आम के टिकोरों से नमक लगाकर खाना,
ककडी-खीरे की नरम बतीया कचर-कचर चबाना।
इलाहाबादी खरबूजे की भीनी-भीनी खुशबू ,
उन पर पडे हरे फांक की ललचाती लकीरें।
अच्छा लगता है मुझे।
आम का पना,
बौराये आम के पेडो से आती अमराई खूशबू के झोंके,
मटर के खेतों से आती छीमीयाही महक ,
अभी-अभी उपलों की आग में से निकले,
चुचके भूने आलूओं को छीलकर
हरी मिर्च और नमक की बुकनी लगाकर खाना,
अच्छा लगता है मुझे
केले को लपेट कर रोटी संग खाना,
या फिर गुड से रोटी चबाना।
भुट्टे पर नमक- नींबू रगड कर,
राह चलते यूँ ही कूचते-चबाना।
अच्छा लगता है मुझे।
लोग तो कहते हैं कि किसी को जानना हो अगर
उसके खाने की आदतों को देखो,
पर अफसोस...
मायानगरी ने मेरी सारी आदतें
'शौक-ए-लज़्ज़त' में बदल डाली हैं।
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